समुद्रशास्त्र के अनुसार जानिए स्‍त्री के बालों से उनका भविष्‍य


हमारे धर्म शास्त्रों में स्त्रियों के बालों के विषय में कहा गया है।भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री के केश यानी बाल देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है। लखनऊ के ज्‍योतिषाचार्य पं. अनुज के शुक्‍ला महिलाओं के केश के के अनुरूप स्त्रियों की प्रकृति के बारे में बतायेंगे।

# यदि किसी स्त्री के केश मिलवा बाल लम्बे कोले हों तो वह स्त्री सौभाग्यवती, गुणवान, पति की प्रिय, सास-ससुर की सेवा करने वाली होती है।

# जिस स्त्री के केश गुच्छित/गुच्छेदार होता वह स्त्री, तेज स्वभाव वाली तथा अपने पति पर अधिकार बनाये रखती है। सास-ससुर के प्रति उदासीनता के भाव रखती।

# भूरे वालों वाली स्त्री अक्सर, उच्च स्थान प्राप्त करती तथा ऐक्टिंग, फैशन, संगीत में उनकी विशेष रूचि रहती है।

# अत्यधिक सुनहरे वालों वाली स्त्री अल्पायु मानी जाती है परन्तु वह कुछ ही समय में बहुत कुछ प्राप्त कर लेती है।

# जिस स्त्री के बाल दो मुॅहे व आगे से सफेद होते है वह स्त्री तेज-तर्रार तथा झगड़ालू प्रकृति की होती है परिवार में अपना सिक्का जमाने का प्रयास करती है।

# जिस स्त्री के बालों में आगे भौरा होता है वह स्त्री चंचल स्वभाव वाली, विलासी जीवन जीने वाली व सौन्दर्य प्रसाधनों पर अत्याधिक व्यय करने वाली होती है। ऐसी स्त्रियां

# जिस स्त्री के बालों के मध्य में भौरा होता वह स्त्री सामाजिक कार्यकर्ता बनती है या फिर सन्यासी हो जाती है।

# बायें कान की तरफ यदि भौंरा हो तो वह स्त्री चिडचिडे स्वभाव वाली तथा गुस्सैल होती है। परन्तु अपने सन्तान का पालन पोषण बहुत अच्छे तरीके से करती है।

# जिस स्त्री के दाहिने कान की तरफ यदि भौरा हो तो ऐसी स्त्रियां बुद्धिमान, तर्कशील तथा उनमें कुछ करने का जज्बा निहित होता है।

# जिन स्त्रियों के घुंघराले बाल होते है या फिर बाल आगे की ओर झुके होते हैं ऐसी स्त्रियां सुन्दर पुत्रों को जन्म देने वाली होती हैं तथा उनका वैवाहिक जीवन सुखमय व्यतीत होता है।

No comments